गोदावरी नदी अपवाह तंत्र
|| drainage system ||
गोदावरी नदी महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित त्रयम्बकेश्वर से निकलकर दक्षिण-पूर्व की ओर प्रवाहित होती हुई बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है। इस नदी को दक्षिण गंगा या वृद्धा गंगा (बूढ़ी गंगा) के नाम से भी जाना जाता है।
यह प्रायद्वीपीय भारत (दक्षिण भारत) की सबसे लम्बी नदी है, जिसकी कुल लम्बाई 1465 किमी. है। इसका कुल अपवाह क्षेत्र 23,388 वर्ग किमी. है, जिसमें से मध्य प्रदेश में केवल 633 वर्ग किमी. शामिल है।
वेनगंगा नदी
• वेनगंगा नदी मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित मुंडारा गाँव (परसवाड़ा पठार) से 12 किमी. दूरी पर सतपुड़ा श्रेणी के ढाल पर स्थित रजोलाताल से निकलती है।
अन्य नाम - बेवा, दिदि, वैनया, बैना, वैणी ।
यह नदी अर्द्धचन्द्राकार रूप में उत्तर पूर्व की ओर और तत्पश्चात् दक्षिणी- पूर्वी दिशा में सिवनी तथा बालाघाट से प्रवाहित होती हुई भडारा (महाराष्ट्र) जिले में प्रवेश करती है तथा यहीं पर वर्धा नदी इसमें आकर मिलती है। इन दोनों के संगम को प्राणहिता कहा जाता है। अन्त में यह गोदावरी नदी में मिल जाती है। इसे सिवनी की जीवन रेखा के नाम से भी जाना जाता है।
इस नदी की कुल लम्बाई 570 किमी. है। बाघ, वर्धा, बिजना, बावनथड़ी, थिर्री, ठेल, पेंच, वाम, सामरथावर इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं ।
वेनगंगा नदी पर सिवनी (छपारा) में वर्ष 1972 में भीमगढ़ बॉध (संजय सरोवर बॉध) का निर्माण किया गया है, जो एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बॉध है।
वर्धा नदी
वर्धा नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुल्ताई के वर्धन-शिखर (811 मी.) से होता है, जो छिंदवाडा जिले की दक्षिणी सीमा बनाती हुई महाराष्ट्र में प्रवेश कर वेनगंगा नदी में मिलती है तथा आगे चलकर गोदावरी नदी में मिल जाती है।
इस नदी की कुल लम्बाई 525 किमी. तथा अपवाह क्षेत्र 24,087 वर्ग किमी. है। वेना. जाम, ईराई, मडू, बेमूला, हिरी आदि इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।
पेंच नदी
पेंच नदी मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले में स्थित सतपुड़ा पर्वत श्रेणी के दक्षिण पठार से निकलती है, जो सिवनी जिले के पेंच राष्ट्रीय उद्यान से प्रवाहित होती हुई नागपुर (महाराष्ट) के समीप कन्हान नदी में मिल जाती है और आगे चलकर गोदावरी नदी में मिल जाती है। इस प्रकार यह नदी मध्य प्रदेश और महाराष्ट की सीमा का निर्धारण करती है।
• इसकी कुल लम्बाई 274 किमी. है तथा प्रदेश में इसकी लम्बाई 206 किमी. है। कन्हान, कुलबेहरा तथा बावनथड़ी आदि इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं । प्रारम्भ में इसकी दक्षिण-पूर्वी सीमा पर तीव्र मोड़ आता है और यह दक्षिण की ओर मुड़ कर प्रवाहित होती है।
कुल्बेहरा नदी
कुल्बेहरा नदी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की उमरेठ तहसील से निकलती है, जो छिंदवाड़ा के दक्षिण-पूर्वी भाग से प्रवाहित होती हुई 80 किमी. की दूरी तय करने के पश्चात् बीसापुर, चाँद के उत्तरी भाग से होती हुई पेच नदी में मिल जाती है।
इस नदी को छिंदवाड़ा की जीवनरेखा कहते हैं। इसकी प्रमुख सहायक नदियों उमरानाला एवं बोदरी हैं।

